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Monday, 3 April 2017
Thursday, 30 March 2017
Monday, 21 March 2016
Monday, 7 March 2016
THOUGHT OF THE DAY:INSPIRATIONAL STORY
एक नगर में एक जुलाहा रहता था। वह स्वाभाव से अत्यंत शांत, नम्र तथा वफादार था। उसे क्रोध तो कभी आता ही नहीं था।
एक बार कुछ लड़कों को शरारत सूझी। वे सब उस जुलाहे के पास यह सोचकर पहुँचे कि देखें इसे गुस्सा कैसे नहीं आता ?
उन में एक लड़का धनवान माता-पिता का पुत्र था। वहाँ पहुँचकर वह बोला यह साड़ी कितने की दोगे ?
जुलाहे ने कहा - दस रुपये की।
तब लडके ने उसे चिढ़ाने के उद्देश्य से साड़ी के दो टुकड़े कर दिये और एक टुकड़ा हाथ में लेकर बोला - मुझे पूरी साड़ी नहीं चाहिए, आधी चाहिए। इसका क्या दाम लोगे ?
जुलाहे ने बड़ी शान्ति से कहा पाँच रुपये।
लडके ने उस टुकड़े के भी दो भाग किये और दाम पूछा ? जुलाहा अब भी शांत था। उसने बताया - ढाई रुपये। लड़का इसी प्रकार साड़ी के टुकड़े करता गया।
अंत में बोला - अब मुझे यह साड़ी नहीं चाहिए। यह टुकड़े मेरे किस काम के ?
एक बार कुछ लड़कों को शरारत सूझी। वे सब उस जुलाहे के पास यह सोचकर पहुँचे कि देखें इसे गुस्सा कैसे नहीं आता ?
उन में एक लड़का धनवान माता-पिता का पुत्र था। वहाँ पहुँचकर वह बोला यह साड़ी कितने की दोगे ?
जुलाहे ने कहा - दस रुपये की।
तब लडके ने उसे चिढ़ाने के उद्देश्य से साड़ी के दो टुकड़े कर दिये और एक टुकड़ा हाथ में लेकर बोला - मुझे पूरी साड़ी नहीं चाहिए, आधी चाहिए। इसका क्या दाम लोगे ?
जुलाहे ने बड़ी शान्ति से कहा पाँच रुपये।
लडके ने उस टुकड़े के भी दो भाग किये और दाम पूछा ? जुलाहा अब भी शांत था। उसने बताया - ढाई रुपये। लड़का इसी प्रकार साड़ी के टुकड़े करता गया।
अंत में बोला - अब मुझे यह साड़ी नहीं चाहिए। यह टुकड़े मेरे किस काम के ?
Wednesday, 3 February 2016
THOUGHT OF THE DAY DATED 3 FEB 2016
चाय का कप लेकर आप
खिड़की के पास बैठे हों
और बाहर के सुंदर नज़ारे का
आनंद लेते हुए चाय की चुस्की लेते हैं
.....अरे चीनी डालना तो भूल ही गये..;
और तभी फिर से किचन मेँ जाकर
चीनी डालने का आलस आ गया....
आज फीकी चाय को जैसे तैसे
पी गए,कप खाली कर दिया
तभी आपकी नज़र कप के तल
में पड़ी बिना घुली चीनी पर
पडती है..!!
मुख पर मुस्कुराहट लिए सोच में पड
गये...चम्मच होता तो मिला लेता
हमारे जीवन मे भी कुछ ऐसा ही है...
सुख ही सुख बिखरा पड़ा है
हमारे आस पास...
लेकिन,
बिन घुली उस चीनी की तरह !!
थोड़ा सा ध्यान दें-
किसी के साथ हँसते-हँसते उतने ही
हक से रूठना भी आना चाहिए !
अपनो की आँख का पानी
धीरे से पोंछना आना चाहिए !
रिश्तेदारी और दोस्ती में कैसा
मान अपमान ?
बस अपनों के दिल मे रहना
आना चाहिए...!❤
खिड़की के पास बैठे हों
और बाहर के सुंदर नज़ारे का
आनंद लेते हुए चाय की चुस्की लेते हैं
.....अरे चीनी डालना तो भूल ही गये..;
और तभी फिर से किचन मेँ जाकर
चीनी डालने का आलस आ गया....
आज फीकी चाय को जैसे तैसे
पी गए,कप खाली कर दिया
तभी आपकी नज़र कप के तल
में पड़ी बिना घुली चीनी पर
पडती है..!!
मुख पर मुस्कुराहट लिए सोच में पड
गये...चम्मच होता तो मिला लेता
हमारे जीवन मे भी कुछ ऐसा ही है...
सुख ही सुख बिखरा पड़ा है
हमारे आस पास...
लेकिन,
बिन घुली उस चीनी की तरह !!
थोड़ा सा ध्यान दें-
किसी के साथ हँसते-हँसते उतने ही
हक से रूठना भी आना चाहिए !
अपनो की आँख का पानी
धीरे से पोंछना आना चाहिए !
रिश्तेदारी और दोस्ती में कैसा
मान अपमान ?
बस अपनों के दिल मे रहना
आना चाहिए...!❤
Monday, 1 February 2016
Sunday, 31 January 2016
Saturday, 30 January 2016
Friday, 29 January 2016
Thursday, 28 January 2016
Wednesday, 27 January 2016
Wednesday, 13 January 2016
Tuesday, 12 January 2016
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