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Monday, 7 March 2016

THOUGHT OF THE DAY:INSPIRATIONAL STORY

एक नगर में एक जुलाहा रहता था। वह स्वाभाव से अत्यंत शांत, नम्र तथा वफादार था। उसे क्रोध तो कभी आता ही नहीं था।
एक बार कुछ लड़कों को शरारत सूझी। वे सब उस जुलाहे के पास यह सोचकर पहुँचे कि देखें इसे गुस्सा कैसे नहीं आता ?
उन में एक लड़का धनवान माता-पिता का पुत्र था। वहाँ पहुँचकर वह बोला यह साड़ी कितने की दोगे ?
जुलाहे ने कहा - दस रुपये की।
तब लडके ने उसे चिढ़ाने के उद्देश्य से साड़ी के दो टुकड़े कर दिये और एक टुकड़ा हाथ में लेकर बोला - मुझे पूरी साड़ी नहीं चाहिए, आधी चाहिए। इसका क्या दाम लोगे ?
जुलाहे ने बड़ी शान्ति से कहा पाँच रुपये।
लडके ने उस टुकड़े के भी दो भाग किये और दाम पूछा ? जुलाहा अब भी शांत था। उसने बताया - ढाई रुपये। लड़का इसी प्रकार साड़ी के टुकड़े करता गया।
अंत में बोला - अब मुझे यह साड़ी नहीं चाहिए। यह टुकड़े मेरे किस काम के ?

Wednesday, 2 March 2016

INDIANS ARE THE BEST: NEW CREATIVE IDEA

पदमपुर (राजस्थान)। आपने मिट्‌टी, पत्थर और ईंटों से बने घर तो देखें होंगे, पर प्लास्टिक की बेकार बोतलों से कोई कमरा बना दे तो आप क्या कहेंगे। आप यकीन नही करेंगे। पर यहां के दो छात्रों ने यह कर दिखाया है। कैसे किया खाली बोतलों को इस्तेमाल... गांव 41 आरबी के किशोर जयदित्य सिंह पुत्र जसविंद्र सिंह बावा ने अपने रानीबाजार दिल्ली निवासी दोस्त वरुण सहगल के साथ मिलकर ऐसे कमरे का निर्माण कर दिया। यह अनूठा प्रयोग करने के लिए कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलों में पानी, सीमेंट और मिट्टी का उपयोग किया है। इसमें निर्माण मिस्त्री का सहयोग लिया है। दोनों किशोर देहरादून में दून स्कूल कक्षा 12 के छात्र हैं। क्या है इस कमरे की

Monday, 15 February 2016

एक प्रेरणादायक कथा :The Black Spot



एक बार एक प्रोफ़ेसर ने कक्षा में प्रवेश किया और अपने विद्यार्थियों की परीक्षा लेने का निर्णय किया| अचानक टेस्ट लेने के निर्णय के कारण विद्यार्थी चिंतित हो गए|

प्रोफ़ेसर ने सभी विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र दिया जिसमें बहुत सारे प्रश्न लिखे हुए थे| सभी को प्रश्नपत्र देने के बाद प्रोफ़ेसर ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रश्नपत्र को उलटा करो और उतर देने शुरू करो|

सभी विद्यार्थी अचंभित हो गए क्योंकि प्रश्नपत्र के पीछे एक भी प्रश्न नहीं था| केवल एक काले बिंदु (Black Spot) को छोड़कर पूरा पेज खाली था|

प्रोफ़ेसर ने कहा – “आप को इस पेज पर जो कुछ भी नजर आ रहा है उसके बारे में लिखो”

विद्यार्थी कुछ समझ नहीं पा रहे थे कि उस खाली पेज के बारे में क्या लिखें!

Sunday, 10 January 2016

INSPIRATIONAL STORY:!! नई परिस्थितियां नये नियम!!

विक्टोरिया के महल के नीचे एक आदमी तीस साल तक खड़ा रहा पहरे पर। फिर वह रिटायर हो गया। अवकाश प्राप्त हो गया, तो उसके बेटे को वही नौकरी मिल गई। वह भी बीस साल तक वहां खड़ा रहा। और तब खोजबीन हुई कि इस आदमी को यहां खड़ा किसलिए किया गया है? क्योंकि कुछ काम तो इसके पास है नहीं। तब पता चला कि पचास साल पहले जब इसका बाप नौकर था, तो सीढ़ियों पर पेंट किया गया था। और कोई आदमी सीढ़ियों को न छूये इसलिए इसके बाप को खड़ा किया गया था। वह पेंट तो कभी का सूख चुका। वह तो दो चार दिन में सूख गया, लेकिन वह आदमी खड़ा ही रहा। क्योंकि आज्ञा कभी दी नहीं गई कि यहां से हटे। तीस साल उसने नौकरी पूरी की। बीस साल उसके बेटे ने भी नौकरी की। वह तो जल्दी हुई कि पकड़ गया। नहीं तो सदियों तक कोई न कोई आदमी वहां खड़ा ही रहता। अब उस बेटे को भी पता नहीं था कि मैं किसलिए खड़ा हूं। वह अपनी तनख्वाह ले लेता था हर महीने जा कर और हर महीने सुबह वक्त पर आकर खड़ा हो जाता, सांझ विदा हो